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पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, चंबा, कुल्लू, कांगड़ा और लाहौल-स्पीति में बरसेंगे बादल

➤ हिमाचल में 1 और 2 नवंबर को हल्की बारिश-बर्फबारी के आसार
➤ 3 से 6 नवंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम रहेगा शुष्क
➤ अगले सात दिनों के लिए कोई विशेष चेतावनी नहीं


शिमला। हिमाचल प्रदेश के कई भागों में दो दिन हल्की बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। इसके बाद मौसम शुष्क हो जाएगा। कुछ दिन राज्य के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। हालांकि कुछ केंद्रों पर अधिकतम तापमान में 2-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।

मौसम केंद्र शिमला के अनुसार पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य के करीब रहा, जबकि कुछ स्थानों पर यह सामान्य से दो से चार डिग्री सेल्सियस अधिक था। उच्च पहाड़ियों में न्यूनतम तापमान शून्य से सात डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। मध्य पहाड़ियों में यह छह से 17 डिग्री सेल्सियस और निचली पहाड़ियों/मैदानों में 12 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में भी कुछ स्थानों पर कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया।

मौसम विभाग ने बताया कि एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय है। इसके प्रभाव से 1 और 2 नवंबर को राज्य के अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है। 3 से 6 नवंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। अगले चार-पांच दिनों के दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।

ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में अगले पांच दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति में 1 और 2 नवंबर को हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। मंडी और किन्नौर में 2 नवंबर को हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है। विभाग ने अगले सात दिनों के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है।

प्रदेश के प्रमुख स्थानों में शिमला का न्यूनतम तापमान 10.5, सुंदरनगर 12.2, भुंतर 9.9, कल्पा 4.4, धर्मशाला 13.8, ऊना 12.4, नाहन 14.0, केलांग 1.1, पालमपुर 10.0, सोलन 10.2, मनाली 5.9, कांगड़ा 13.1, मंडी 13.5, बिलासपुर 11.5, कुफरी 7.4, सेऊबाग 8.8, बरठीं 13.8, पांवटा साहिब 17.0, ताबो 0.3 और बजौरा में 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए जरूरी सुझाव

नवंबर में ऊंचे इलाकों में तापमान तेजी से गिरता है, इसलिए लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा की यात्रा करने वाले पर्यटकों को यात्रा से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देख लेना चाहिए। हल्की बर्फबारी के बाद भी सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है और ब्लैक आइस का खतरा रहता है, इसलिए वाहन धीमी गति से चलाएं और जरूरत हो तो टायरों में चेन का उपयोग करें। सुबह और शाम के समय कोहरे या कम दृश्यता में सावधानी बरतें।

ठंड बढ़ने के साथ बुजुर्गों, बच्चों और हृदय रोगियों को विशेष ध्यान रखना चाहिए। गर्म कपड़े पहनें, ठंडी हवा से बचें और कमरे को बंद करके अंगीठी या हीटर जलाकर न सोएं, क्योंकि इससे कार्बन मोनोऑक्साइड से दम घुटने का खतरा रहता है। सेब बागवान और किसान भी मौसम के बदलाव को देखते हुए अपनी फसलों और पौधों की सुरक्षा के इंतजाम रखें। ट्रेकिंग पर जाने वाले लोग प्रशासन की सलाह के बिना ऊंचे दर्रों की ओर न जाएं।